जानें भारतीय बाजार में चीन का कितना कब्जा / chinese product in indian market - Bharat News

Bharat News

Bharat News updated you everyday.

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Wednesday, June 17, 2020

जानें भारतीय बाजार में चीन का कितना कब्जा / chinese product in indian market

चीन के उत्पादों का बहिष्कार करेंगे? /boycott chinese product ?


स्मार्टफोन : चीन का 72% मार्केट पर कब्जा



देश में स्मार्टफोन बाजार 2 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें चीन की हिस्सेदारी 72% है। चीनी स्मार्टफोन से निजात पाना बेहद मुश्किल है, क्योंकि इस दबदबा हर प्राइस सेगमेंट में है और आरऐंडडी में भी यह काफी आगे है।


दूरसंचार उपकरण : चीन का 25% मार्केट पर कब्जा







दूरसंचार उपकरणों का बाजार 12,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें चीन की हिस्सेदारी 25% है। चीनी दूरसंचार उपकरणों से भी निजात पा सकते हैं, लेकिन यह हमारे लिए काफी महंगा पड़ेगा। टेलिकॉम कंपनियों के मुताबिक, अगर वे अमेरिकी तथा यूरोपीय दूरसंचार उपकरणों को खरीदने का विचार करते हैं तो उनकी लागत 10-15% तक बढ़ जाएगी।


टेलिविजन : चीन का 45% मार्केट पर कब्जा





भारत में टेलिविजन का बाजार 25,000 करोड़ रुपये का है। स्मार्ट टेलिविजन बाजार में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 42-45% और गैर-स्मार्ट टेलिविजन मार्केट में 7-9% है। इस मार्केट सेगमेंट में भी हम चीनी माल से निजात पा सकते हैं, लेकिन यह बेहद महंगा पड़ेगा, क्योंकि गैर-चीनी टेलिविजन 20-45% महंगे हैं।


होम अप्लायंसेज : चीन का 12% मार्केट पर कब्जा







देश में होम अप्लायंसेज का मार्केट साइज 50 हजार करोड़ रुपये का है, जिसमें चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 10-12% है। इस सेगमेंट में हम आसानी से चीनी माल से निजात पा सकते हैं, लेकिन अगर कोई बड़ी चीनी कंपनी इस सस्ते उत्पादों के साथ उतरती है तो फिर बेहद मुश्किल होगी।


ऑटोमोबाइल कल-पुर्जे : चीना का 26% मार्केट पर कब्जा





देश में ऑटोमोबाइल कल-पुर्जों का बाजार 4.27 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 26% है। इस सेगमेंट में भी चीनी माल से निजात पाना मुश्किल होगा, क्योंकि इसके लिए घरेलू या वैश्विक विकल्प ढूंढना आसान नहीं होगा।


इंटरनेट ऐप : चीनी ऐप के दीवाने भारतीय यूजर





देश में 45 करोड़ स्मार्टफोन यूजर हैं, जिसमें 66% लोग कम से कम एक चीनी ऐप का इस्तेमाल करते हैं। इस सेगमेंट में चीन से निजात पाना आसान है, लेकिन भारतीय यूजर्स को टिकटॉक जैसे ऐप से मोह को त्यागना होगा और इसका विकल्प ढूंढने में भारत को अभी तक नाकामी ही हाथ लगी है।

सौर ऊर्जा : चीन का 90% मार्केट पर कब्जा




देश में सौर ऊर्जा का मार्केट साइज 37,916 मेगावाट का है, जिसमें चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 90% है। इस सेगमेंट में चीनी माल से निजात पाना लगभग नामुमकिन है, क्योंकि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां कमजोर हैं और अन्य विकल्प महंगे हैं।


स्टील : चीन का 20% मार्केट पर कब्जा




देश में स्टील का मार्केट साइज 108.5 मीट्रिक टन का है, जिसमें चीनी माल की हिस्सेदारी 18-20% है। इस सेगमेंट में हम चीनी माल से आजादी पा सकते हैं, लेकिन यह कठिन होगा। कुछ उत्पादों के लिए चीन की कीमत के बराबर के उत्पाद खोजना मुश्किल होगा।

फार्मा/एपीआई : चीन का 60% मार्केट पर कब्जा



भारत में फार्मा/एपीआई का मार्केट साइज 15,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 60% है। इस सेगमेंट में भी चीनी माल से निजात पाना बेहद कठिन होगा। अन्य स्रोत महंगे हैं और बड़ी केमिकल फैक्ट्रियों के आड़े कई तरह की मुश्किलें आएंगी।

No comments:

Post a Comment

please do not enter any spam link in the comment box.

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here